टेनिस एल्बो क्या है और इसका इलाज

Illustration of tennis elbow: the outer elbow region highlighted, showing the humerus, lateral epicondyle, extensor muscles and an inflamed tendon with arrows indicating the painful spot.

यह चित्र टेनिस एल्बो को दर्शाता है—कोहनी के बाहरी हिस्से में दर्द वाला क्षेत्र, ह्यूमरस, लैटरल एपिकॉन्डाइल, एक्स्टेंसर मांसपेशियां और सूजी हुई टेंडन को लेबल किया गया है।

टेनिस एल्बो एक ऐसी स्थिति है जिसमें कोहनी के बाहरी हिस्से में दर्द और सूजन होती है। नाम से ऐसा लगता है कि यह सिर्फ टेनिस खेलने वालों को होता है, लेकिन असल में यह किसी भी व्यक्ति को हो सकता है जो बार-बार हाथ और कलाई का इस्तेमाल करता है।

यह समस्या खासतौर पर उन लोगों में देखी जाती है जो लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं, भारी सामान उठाते हैं, या बार-बार एक ही तरह की गतिविधि करते हैं। समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह रोज़मर्रा के कामों को भी मुश्किल बना सकता है।

इस गाइड में समझते हैं कि टेनिस एल्बो क्या है, इसके कारण क्या हैं, और इसका सही इलाज कैसे किया जाता है।

टेनिस एल्बो क्या है?

टेनिस एल्बो को मेडिकल भाषा में Lateral Epicondylitis कहा जाता है। यह कोहनी के बाहरी हिस्से में मौजूद टेंडन (जो मांसपेशियों को हड्डी से जोड़ते हैं) में सूजन, खिंचाव या छोटे-छोटे माइक्रो-टियर्स (सूक्ष्म चोट) के कारण होने वाली समस्या है।

यह स्थिति तब विकसित होती है जब हाथ और कलाई की मांसपेशियों का बार-बार या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। लगातार एक जैसी मूवमेंट करने से इन टेंडन पर दबाव बढ़ता है, जिससे उनमें धीरे-धीरे कमजोरी और सूजन आ जाती है।

समय के साथ यह दर्द सिर्फ कोहनी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कलाई और फोरआर्म (बांह के निचले हिस्से) तक फैल सकता है। शुरुआत में दर्द हल्का होता है, लेकिन अगर ध्यान न दिया जाए तो यह इतना बढ़ सकता है कि रोजमर्रा के छोटे काम जैसे कप उठाना, हाथ मिलाना या दरवाज़ा खोलना भी मुश्किल हो जाता है।

हालांकि इसका नाम “टेनिस एल्बो” है, लेकिन यह सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करने वाले, पेंटर, प्लंबर, कुक या ऐसे लोग जो बार-बार हाथ का इस्तेमाल करते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। सही समय पर पहचान और इलाज से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है और गंभीर होने से रोका जा सकता है।

टेनिस एल्बो के कारण

टेनिस एल्बो मुख्य रूप से ओवरयूज़ यानी अधिक इस्तेमाल के कारण होता है।

  • बार-बार कलाई और हाथ की मूवमेंट करना
  • लंबे समय तक कंप्यूटर या माउस का इस्तेमाल
  • भारी सामान उठाना
  • खेल गतिविधियां जैसे टेनिस, बैडमिंटन
  • गलत तरीके से वर्कआउट या एक्सरसाइज करना

टेनिस एल्बो के लक्षण

इस समस्या के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं और समय के साथ गंभीर हो सकते हैं।

  • कोहनी के बाहरी हिस्से में दर्द
  • हाथ या कलाई घुमाने पर दर्द बढ़ना
  • किसी चीज को पकड़ने में कमजोरी
  • कप उठाने, दरवाज़ा खोलने में परेशानी
  • कोहनी में जकड़न या stiffness

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ते जाएं, तो समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। बेहतर जांच और प्रभावी उपचार के लिए नोएडा में डॉ. मयंक चौहान से संपर्क किया जा सकता है, जहां मरीज की स्थिति के अनुसार सही और व्यक्तिगत इलाज प्रदान किया जाता है।

टेनिस एल्बो का इलाज

टेनिस एल्बो का इलाज उसकी गंभीरता, दर्द की अवधि और व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों पर निर्भर करता है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में बिना सर्जरी के ही यह समस्या सही देखभाल और उपचार से ठीक हो जाती है। सही समय पर इलाज शुरू करने से रिकवरी तेज होती है और समस्या दोबारा होने का खतरा भी कम हो जाता है।

1. आराम और गतिविधियों में बदलाव

इलाज का पहला और सबसे जरूरी कदम है उस गतिविधि को कम करना जिससे कोहनी पर बार-बार दबाव पड़ रहा है। पूरी तरह से हाथ का इस्तेमाल बंद करना जरूरी नहीं होता, लेकिन दर्द बढ़ाने वाली मूवमेंट्स से बचना जरूरी है। साथ ही, काम करने का तरीका (posture और technique) सुधारना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है ताकि भविष्य में दोबारा चोट न लगे।

2. बर्फ से सिकाई (Ice Therapy)

A young woman applying an ice pack to her elbow at home, showing discomfort and pain relief treatment commonly used for tennis elbow or muscle strain.

महिला कोहनी पर बर्फ से सिकाई करते हुए।

बर्फ से सिकाई सूजन और दर्द को कम करने का एक आसान और प्रभावी तरीका है। दिन में 2–3 बार 15–20 मिनट तक बर्फ लगाने से टेंडन में हो रही सूजन शांत होती है और दर्द में राहत मिलती है। ध्यान रखें कि बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाकर कपड़े में लपेटकर इस्तेमाल करें।

3. दवाइयां

डॉक्टर दर्द और सूजन को नियंत्रित करने के लिए NSAIDs (Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs) जैसी दवाइयां दे सकते हैं। ये दवाइयां अस्थायी राहत देती हैं, लेकिन केवल दवाइयों पर निर्भर रहना सही नहीं होता। इन्हें फिजियोथेरेपी और अन्य उपचारों के साथ लेना ज्यादा प्रभावी होता है।

4. फिजियोथेरेपी

फिजियोथेरेपी टेनिस एल्बो के इलाज का सबसे अहम हिस्सा मानी जाती है।
इसमें शामिल होते हैं:

  • स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज – मांसपेशियों की जकड़न कम करने के लिए
  • स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज – कमजोर मसल्स को मजबूत करने के लिए
  • मैनुअल थेरेपी – टेंडन और जोड़ों की मूवमेंट सुधारने के लिए

फिजियोथेरेपी न केवल दर्द कम करती है, बल्कि समस्या के मूल कारण को भी ठीक करती है, जिससे दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है।

5. ब्रेस या सपोर्ट

कोहनी पर पहनने वाला ब्रेस या स्ट्रैप टेंडन पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होता है जिन्हें काम या खेल के दौरान हाथ का बार-बार इस्तेमाल करना पड़ता है। ब्रेस पहनने से दर्द में राहत मिलती है और हीलिंग प्रक्रिया तेज होती है।

6. इंजेक्शन या सर्जरी

अगर कई हफ्तों या महीनों तक सामान्य इलाज से आराम न मिले, तो डॉक्टर आगे के विकल्प सुझा सकते हैं।

  • स्टेरॉयड इंजेक्शन – सूजन और दर्द को तेजी से कम करने के लिए
  • PRP (Platelet-Rich Plasma) थेरेपी – हीलिंग को बढ़ाने के लिए
  • सर्जरी – बहुत ही गंभीर और लंबे समय से चल रहे मामलों में

हालांकि, सर्जरी की जरूरत बहुत कम मामलों में ही पड़ती है।

टेनिस एल्बो से बचाव कैसे करें

  • काम के दौरान सही posture बनाए रखें
  • बार-बार ब्रेक लें
  • एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करें
  • भारी सामान उठाते समय सही तकनीक अपनाएं
  • हाथ और कलाई की मांसपेशियों को मजबूत बनाएं

कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए

Physiotherapist examining and supporting a patient’s elbow and arm during a clinical check-up, focusing on joint movement and pain assessment for conditions like tennis elbow.

डॉक्टर मरीज की कोहनी की जांच करते हुए।

अगर कोहनी का दर्द लगातार बना रहे या धीरे-धीरे बढ़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

  • दर्द 1-2 हफ्ते से ज्यादा बना रहे
  • हाथ की ताकत कम हो जाए
  • रोज़मर्रा के काम करने में परेशानी हो
  • आराम करने पर भी दर्द ठीक न हो

निष्कर्ष

टेनिस एल्बो एक आम लेकिन नज़रअंदाज की जाने वाली समस्या है। सही समय पर ध्यान देने से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है और लंबे समय की परेशानी से बचा जा सकता है। सही उपचार, फिजियोथेरेपी और जीवनशैली में बदलाव से व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो सकता है और सामान्य जीवन जी सकता है।

बेहतर उपचार और सही मार्गदर्शन के लिए नोएडा में डॉ. मयंक चौहान से संपर्क किया जा सकता है, जहां मरीज को उनकी समस्या के अनुसार व्यक्तिगत उपचार दिया जाता है, जिससे दर्द में राहत और शरीर की गतिशीलता में सुधार होता है।

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